मिल जाएगी मंजिल बस खुद पे रख यकीं
सेहरा में है एक कतरा पानी का कहीं
वक्त मुश्किल है मगर हिम्मत मत हार
कहते हैं हर शब के बाद सवेरा है कहीं
न मिली 'कैस' को लैला न सही
तुझको देगा सच्चा प्यार मेरा खुदा है मुझे यकीं
मुतमइन रह उतरेगा झूठी मुहब्बत का मुलम्मा एक दिन
तेरे इश्क को याद कर वह रोएगी कहीं
न भूल पाएगी वो कसमें जो साथ खाईं थीं कभीं
इस जहां में जुदा होंगे न सोचा था कभी
तू था कभी उसका साहिल यह भूल जा अभी
तेरे लिए भी कोई रोता है बस याद रख यही
सेहरा में है एक कतरा पानी का कहीं
वक्त मुश्किल है मगर हिम्मत मत हार
कहते हैं हर शब के बाद सवेरा है कहीं
न मिली 'कैस' को लैला न सही
तुझको देगा सच्चा प्यार मेरा खुदा है मुझे यकीं
मुतमइन रह उतरेगा झूठी मुहब्बत का मुलम्मा एक दिन
तेरे इश्क को याद कर वह रोएगी कहीं
न भूल पाएगी वो कसमें जो साथ खाईं थीं कभीं
इस जहां में जुदा होंगे न सोचा था कभी
तू था कभी उसका साहिल यह भूल जा अभी
तेरे लिए भी कोई रोता है बस याद रख यही